Launching Programme for Hindi Book – Cine Nirman by Udaisenapati
Cine Nirman by Udaisenapati was organised at Country Club, Andheri, Mumbai on 17/6/2019 with many Bollywood Dignateries present.
Cine Nirman by Udaisenapati was organised at Country Club, Andheri, Mumbai on 17/6/2019 with many Bollywood Dignateries present.
नए फिल्म मेकरों के लिए कारगर साबित होगी पुस्तक “फिल्म मेकिंग” – उदय सेनापति सिनेमा अपनेआप में उदयोग का रूप ले चुका है। वैसे तो फिल्मों के कई विभाग हैं। जिनके लिये अलग-अलग लेखकों ने पुस्तक लिखी जैसे सिनेमाठोंग्राफी, म्युजिक, मेकप, आट डायेरक्शन तथा अन्य। मगर फिल्म निर्माण पर कोई पुस्तक नहीं थी। फिल्म निर्माताओं …
GUEST LECTURE AT MUMBAI FILM ACADEMY BY UDAI SENAPATI Read More »
नए फिल्म मेकरों के लिए कारगर साबित होगी पुस्तक “फिल्म मेकिंग” – उदय सेनापति सिनेमा अपनेआप में उदयोग का रूप ले चुका है। वैसे तो फिल्मों के कई विभाग हैं। जिनके लिये अलग-अलग लेखकों ने पुस्तक लिखी जैसे सिनेमाठोंग्राफी, म्युजिक, मेकप, आट डायेरक्शन तथा अन्य। मगर फिल्म निर्माण पर कोई पुस्तक नहीं थी। फिल्म निर्माताओं …
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‘‘राम से बडा राम का नाम’’ ये कहावत तो आप सबने सुनी ही होगी? सत्य भी है कि भगवान से बडा तो भगवान का नाम ही होता है। आज हम ऐसे ही एक महान कायस्थ का परिचय आप सभी को कराने जा रहे जिनके माता पिता की श्री चित्रगुप्त भगवान में इतनी ज्यादा आस्था थी …
1982 में एक फिल्म आयी थी – ‘‘नदिया के पार’’। सचिन पिलगांवकर और साधना सिंह की मुख्य भूमिकाओं से सजी इस फिल्म की विषय वस्तु पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार पर केंद्रित थी और ग्रामीण पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म का फिल्मांकन कुछ ऐसा था कि इसने सबका दिल जीत लिया. इस फिल्म में …
गाजीपुर। यूं तो गाजीपुर बहादुरों की धरती है लेकिन एक ऐसा भी शख्स था जो जंग-ए-मैदान में बहादुरी दिखाई तो अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पता है वह कौन शख्स था। आइए हम बताते हैं। वह थे नजीर हुसैन। गंगा पार कमसार के उसिया गांव में 15 मई 1922 को …
नजीर हुसैनः जंग-ए-मैदान में बहादुरी दिखाई तो अपने अभिनय का मनवाया लोहा Read More »
भोजपुरी के पहले उपन्यासकार थे पं. रामनाथ पंडिय, जिनके उपन्यास बिंदिया को भोजपुरी का प्रथम उपन्यास होने का गौरव प्राप्त है। इस प्रकार पांडेय जी भोजपुरी उपन्यास के इतिहास-पुरूष के रूप में प्रतिष्ठित हैं। उनकी कृतियाँ जिनगी के राह और सतवंती भी चर्चा के केंद्र में रही है। मगर सन् 1994 में प्रकाशित महेंदर मिसिर …